8th Pay Commission 2026: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा और देशभर के करीब 1.17 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
मुख्य बिंदु – एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वेतन आयोग का नाम | 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) |
| मंजूरी की तिथि | 28 अक्टूबर 2025 |
| लागू होने की तिथि | 1 जनवरी 2026 |
| अध्यक्ष | न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज) |
| सदस्य | प्रोफेसर पुलक घोष (IIM बेंगलुरु) – Part-time Member |
| सदस्य सचिव | पंकज जैन (सचिव) |
| रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा | गठन से 18 महीने के भीतर |
| लाभार्थी | 50 लाख कर्मचारी + 67 लाख पेंशनर = 1.17 करोड़ |
| अनुमानित फिटमेंट फैक्टर | 2.28 |
| न्यूनतम वेतन वृद्धि | 34.1% (₹18,000 से ₹41,000) |
| महंगाई भत्ता (DA) – जनवरी 2026 | 70% (अनुमानित) |
| वार्षिक वित्तीय बोझ | ₹3.7 – ₹3.9 लाख करोड़ (केंद्र + राज्य मिलाकर) |
8वां वेतन आयोग क्या है?
केंद्रीय वेतन आयोग (Central Pay Commission – CPC) भारत सरकार द्वारा गठित एक अस्थायी संवैधानिक निकाय है जो संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन की सिफारिश करता है।
वेतन आयोग का इतिहास:
भारत में अब तक 7 वेतन आयोग गठित किए जा चुके हैं:
| वेतन आयोग | गठन वर्ष | लागू होने का वर्ष |
|---|---|---|
| प्रथम | 1946 | 1948 |
| दूसरा | 1957 | 1959 |
| तीसरा | 1970 | 1973 |
| चौथा | 1983 | 1986 |
| पांचवां | 1994 | 1996 |
| छठा | 2006 | 2008 |
| सातवां | 2013 | 1 जनवरी 2016 |
| आठवां | 2025 | 1 जनवरी 2026 |
नोट: आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग गठित किया जाता है।
8वें वेतन आयोग की संरचना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें वेतन आयोग में तीन सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी है:
1. अध्यक्ष (Chairperson):
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई
- सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज
- भारत की पहली महिला वेतन आयोग अध्यक्ष
- आयोग की सभी गतिविधियों की निगरानी
2. अंशकालिक सदस्य (Part-time Member):
प्रोफेसर पुलक घोष
- IIM बेंगलुरु के प्रोफेसर
- विशेषज्ञ सलाह और निर्णय में सहायता
3. सदस्य सचिव (Member-Secretary):
पंकज जैन
- सचिव, कार्मिक विभाग
- प्रशासन, अनुसंधान और दस्तावेज़ीकरण का समन्वय
कब से मिलेगा नया वेतन? – समयरेखा
चरण 1: Terms of Reference (ToR) की मंजूरी ✅
- 28 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ToR को मंजूरी दी
चरण 2: आयोग का गठन और कार्यारंभ
- अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति हो चुकी है
- आयोग ने काम शुरू कर दिया है
चरण 3: अध्ययन और परामर्श (18 महीने)
- नवंबर 2025 से अप्रैल/मई 2027 तक
- Stakeholders से बैठकें
- विभिन्न विभागों से परामर्श
- वेतन संरचना की व्यापक समीक्षा
चरण 4: रिपोर्ट प्रस्तुत करना
- मई-जून 2027 तक (अनुमानित)
- सरकार को अंतिम सिफारिशें सौंपी जाएंगी
चरण 5: सरकारी स्वीकृति और अधिसूचना
- जुलाई-दिसंबर 2027 (अनुमानित)
- Cabinet approval
- Official notifications जारी होंगी
चरण 6: कार्यान्वयन
- 1 जनवरी 2026 से प्रभावी (पूर्वव्यापी रूप से)
- जनवरी 2028 तक वास्तविक भुगतान शुरू हो सकता है
- Arrears (बकाया राशि) का भुगतान एकमुश्त या किश्तों में
महत्वपूर्ण नोट:
यदि कार्यान्वयन में देरी होती है, तो सभी लाभ 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगे और बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।
कितनी बढ़ेगी सैलरी? – फिटमेंट फैक्टर और गणना
फिटमेंट फैक्टर क्या है?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक (multiplier) है जिसका उपयोग मौजूदा मूल वेतन को संशोधित करने के लिए किया जाता है।
- 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर: 2.57
- 8वें वेतन आयोग में अनुमानित फिटमेंट फैक्टर: 2.28
फिटमेंट फैक्टर की गणना:
Formula:
नया न्यूनतम वेतन = पुराना न्यूनतम वेतन × (1 + DA%) × (1 + वास्तविक वृद्धि%)
विस्तृत गणना:
- 7वें CPC का न्यूनतम वेतन: ₹18,000
- 1 जनवरी 2026 तक DA (अनुमानित): 70%
- DA neutralization: ₹18,000 × 1.70 = ₹30,600
- वास्तविक वृद्धि: 34.1%
- 8वें CPC का न्यूनतम वेतन: ₹30,600 × 1.341 = ₹41,000 (राउंड ऑफ)
फिटमेंट फैक्टर: ₹41,000 ÷ ₹18,000 = 2.28
न्यूनतम वेतन में वृद्धि:
| विवरण | 7वां CPC (2016) | 8वां CPC (2026) | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम मूल वेतन | ₹18,000 | ₹41,000 | +₹23,000 (127.8%) |
| वृद्धि प्रतिशत | – | – | 34.1% (वास्तविक) |
वेतन वृद्धि का अनुमान – Level-wise
8वें वेतन आयोग में विभिन्न levels पर अनुमानित वेतन:
| Pay Level | 7वां CPC वेतन | 8वां CPC वेतन (अनुमानित) | मासिक वृद्धि |
|---|---|---|---|
| Level-1 | ₹18,000 | ₹41,000 | +₹23,000 |
| Level-2 | ₹19,900 | ₹45,400 | +₹25,500 |
| Level-5 | ₹29,200 | ₹66,600 | +₹37,400 |
| Level-10 | ₹56,100 | ₹1,27,900 | +₹71,800 |
| Level-13 | ₹1,18,500 | ₹2,70,200 | +₹1,51,700 |
| Level-18 (Highest) | ₹2,25,000 | ₹5,13,000 | +₹2,88,000 |
नोट: ये गणनाएं 2.28 fitment factor पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक आंकड़े आयोग की अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेंगे।
महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) का विलय
क्या है DA Merger?
जब महंगाई भत्ता एक निश्चित स्तर (आमतौर पर 50% या 70%) को पार कर जाता है, तो इसे मूल वेतन में मिला दिया जाता है।
8वें CPC में DA Merger:
- 1 जनवरी 2026 तक DA: लगभग 70% (अनुमानित)
- Merger के बाद: DA को शून्य कर दिया जाएगा
- नया Basic Pay: पुराना Basic + 70% DA
- नई DA गणना: नए Basic Pay के आधार पर शुरू होगी
उदाहरण:
7वें CPC के तहत (दिसंबर 2025):
- Basic Pay: ₹50,000
- DA @ 70%: ₹35,000
- Total: ₹85,000
8वें CPC के तहत (जनवरी 2026):
- New Basic Pay: ₹50,000 × 2.28 = ₹1,14,000
- DA @ 0%: ₹0
- Total: ₹1,14,000
भविष्य में (जुलाई 2026 onwards):
- New Basic: ₹1,14,000
- DA @ 2% (नई गणना): ₹2,280
- Total: ₹1,16,280
पेंशन में बढ़ोतरी
8वां वेतन आयोग 67 लाख पेंशनभोगियों के लिए भी राहत लाएगा।
पेंशन संशोधन:
| विवरण | 7वां CPC | 8वां CPC (अनुमानित) | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम पेंशन | ₹9,000 | ₹20,500 – ₹25,740 | +₹11,500 – ₹16,740 |
| वृद्धि प्रतिशत | – | 127% – 186% | – |
पेंशन में अन्य बदलाव:
1. Pension Calculation:
- नए fitment factor से पेंशन की पुनर्गणना
- Last drawn salary के 50% के आधार पर
2. Dearness Relief (DR):
- DR को शून्य कर दिया जाएगा (जैसे DA)
- नई पेंशन structure के आधार पर फिर से गणना
3. Family Pension:
- Family pension में भी संशोधन
- बेहतर सुरक्षा प्रावधान
4. NPS/UPS में बदलाव:
- National Pension System (NPS) में संभावित संशोधन
- Unified Pension Scheme (UPS) के तहत कम से कम ₹10,000 न्यूनतम पेंशन (10+ वर्ष सेवा के लिए)
किसे मिलेगा फायदा?
लाभार्थियों की संख्या:
कुल लाभार्थी: 1.17 करोड़
1. केंद्रीय सरकार के कर्मचारी: 50 लाख
- नागरिक कर्मचारी
- रक्षा कर्मी (Defence Personnel)
- रेलवे कर्मचारी
- पुलिस बल
- अन्य विभाग
2. पेंशनभोगी: 67 लाख
- सेवानिवृत्त कर्मचारी
- रक्षा पेंशनर
- परिवार पेंशन प्राप्तकर्ता
राज्य सरकारों पर प्रभाव:
हालांकि केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन अधिकांश राज्य 2-3 साल के भीतर इन्हें अपनाते हैं।
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी: 1.85 करोड़
- Total Impact: लगभग 2.5 करोड़ कर्मचारी और पेंशनर (पूरे भारत में)
वित्तीय बोझ – कितना खर्च होगा?
वार्षिक वित्तीय प्रभाव:
केंद्र सरकार पर बोझ:
- अतिरिक्त व्यय: ₹1.8 – ₹2.0 लाख करोड़ प्रति वर्ष (अनुमानित)
केंद्र + राज्य सरकारों पर कुल बोझ:
- कुल अतिरिक्त व्यय: ₹3.7 – ₹3.9 लाख करोड़ प्रति वर्ष
राजकोषीय चुनौतियां:
1. GDP पर प्रभाव:
- वेतन और पेंशन व्यय GDP के 1.5-2% तक बढ़ सकता है
2. Fiscal Deficit:
- Central Fiscal Deficit पर दबाव
- FY27-28 में सबसे अधिक impact
3. Development Expenditure:
- Infrastructure और welfare schemes के लिए कम बजट
4. States की समस्या:
- कई राज्यों की वित्तीय स्थिति कमजोर
- Implementation में देरी संभव
सरकार का रुख:
आयोग को वित्तीय विवेक (Fiscal Prudence) और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें करने को कहा गया है।
Terms of Reference (ToR) – क्या होगा आयोग का कार्यक्षेत्र?
8वें वेतन आयोग की Terms of Reference में निम्नलिखित शामिल हैं:
1. वेतन संरचना की समीक्षा:
- सभी केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए
- Pay Matrix का पुनरीक्षण
2. भत्तों का संशोधन:
- House Rent Allowance (HRA)
- Transport Allowance (TA)
- Special Allowances (field, risk, आदि)
3. पेंशन संरचना:
- मौजूदा और भविष्य के pensioners के लिए
- Pension schemes में सुधार
4. सेवा शर्तों की समीक्षा:
- Working conditions
- Service benefits
5. वित्तीय विवेक:
- Fiscal impact का आकलन
- Economic conditions को ध्यान में रखना
6. Stakeholder Consultation:
- राज्य सरकारों से परामर्श
- विभिन्न मंत्रालयों से बातचीत
- PSUs (Public Sector Undertakings) पर प्रभाव
7. Interim Reports:
- जरूरत पड़ने पर interim reports submit करना
कर्मचारी संगठनों की मांगें
केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने कई मांगें रखी हैं:
प्रमुख मांगें:
1. Fitment Factor:
- Minimum 3.68 fitment factor की मांग
- 34.1% से अधिक वेतन वृद्धि
2. DA Merger:
- 50% DA पार होने पर तुरंत merger
- 70% तक इंतजार न करें
3. Old Pension Scheme (OPS):
- 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए OPS की बहाली
- NPS को वैकल्पिक बनाना
4. Medical Benefits:
- Cashless medical facilities
- Better healthcare infrastructure
5. Pension Parity:
- 2026 से पहले और बाद के retirees में समानता
- One Rank One Pension (OROP) सभी के लिए
6. Standard Consumption Norm:
- मिनिमम वेतन गणना में वृद्धि
- महंगाई के अनुसार adjustment
सरकार का जवाब:
सरकार ने कुछ मांगों को ToR में शामिल नहीं किया है, जैसे:
- OPS की बहाली
- Cashless medical benefit overhaul
- Standard consumption norm में वृद्धि
इन मुद्दों पर आयोग अपनी सिफारिशों में विचार कर सकता है।
राज्य सरकारों पर प्रभाव
क्या राज्य भी लागू करेंगे?
केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन:
Past Trends:
- अधिकांश राज्य 2-3 साल में अपनाते हैं
- अपने State-specific Fitment Factor का उपयोग करते हैं
Timeline:
- 2026: केंद्र में implementation
- 2027-2028: अधिकांश राज्यों में शुरुआत
- 2029-2030: सभी राज्यों में पूर्ण कार्यान्वयन
वित्तीय रूप से कमजोर राज्य:
कुछ राज्य जो वित्तीय संकट में हैं, वे:
- Implementation में देरी कर सकते हैं
- Phased manner में लागू कर सकते हैं
- Lower fitment factor अपना सकते हैं
PSUs और अन्य संगठनों पर प्रभाव
Public Sector Undertakings (PSUs):
Direct Impact:
- अधिकांश PSUs केंद्रीय वेतन structure follow करते हैं
- उन्हें भी revised pay structure लागू करना होगा
Timeline:
- केंद्र के 6-12 महीने बाद implementation
Banks और Financial Institutions:
- अलग wage revision process
- Indian Banks’ Association (IBA) के माध्यम से
- लेकिन CPC का प्रभाव पड़ता है
Autonomous Bodies और Universities:
- UGC funded universities
- ICMR, CSIR जैसे संगठन
- ये भी CPC guidelines follow करते हैं
महत्वपूर्ण तिथियां – Timeline
| Event | Date/Period |
|---|---|
| 7वां CPC लागू | 1 जनवरी 2016 |
| 7वां CPC समाप्ति | 31 दिसंबर 2025 |
| 8वां CPC ToR मंजूरी | 28 अक्टूबर 2025 |
| आयोग का गठन | नवंबर 2025 |
| Stakeholder Consultations | नवंबर 2025 – अप्रैल 2027 |
| Final Report Submission | मई-जून 2027 (अनुमानित) |
| Government Approval | जुलाई-दिसंबर 2027 |
| Implementation Date | 1 जनवरी 2026 (पूर्वव्यापी) |
| Actual Payment शुरू | जनवरी-मार्च 2028 (अनुमानित) |
| Arrears Payment | 2028 में एकमुश्त या किश्तों में |
कर्मचारियों के लिए सलाह
क्या करें कर्मचारी?
1. Salary Slips संभालें:
- दिसंबर 2025 की salary slip सुरक्षित रखें
- यह arrears calculation के लिए जरूरी होगी
2. Official Updates Follow करें:
- Department of Personnel and Training (DoPT) की website
- अपने विभाग के circulars
3. Union Meetings में भाग लें:
- अपने staff union से जुड़े रहें
- Representation के लिए feedback दें
4. Financial Planning:
- Salary hike के बाद financial planning करें
- Arrears के लिए योजना बनाएं
5. Documents तैयार रखें:
- Service records
- Pay fixation orders
- Promotion orders
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1: 8वां वेतन आयोग कब लागू होगा?
Ans: 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा, लेकिन वास्तविक भुगतान 2028 में शुरू हो सकता है।
Q2: न्यूनतम वेतन कितना होगा?
Ans: ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹41,000 होने की उम्मीद है (fitment factor 2.28 के आधार पर)।
Q3: DA का क्या होगा?
Ans: 70% DA को basic pay में merge कर दिया जाएगा और DA को शून्य से फिर से शुरू किया जाएगा।
Q4: Pensioners को कब फायदा होगा?
Ans: पेंशनर्स को भी 1 जनवरी 2026 से revised pension मिलेगी। न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से ₹20,500-25,740 हो सकती है।
Q5: Arrears कब मिलेंगे?
Ans: Final implementation के बाद, 1 जनवरी 2026 से लेकर implementation date तक के सभी arrears एकमुश्त या किश्तों में दिए जाएंगे।
Q6: क्या राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी फायदा होगा?
Ans: हां, लेकिन 2-3 साल बाद जब राज्य सरकारें इसे अपनाएंगी।
Q7: PSU employees का क्या होगा?
Ans: PSUs भी केंद्रीय pay structure follow करते हैं, इसलिए उन्हें भी फायदा होगा।
Q8: Old Pension Scheme (OPS) वापस आएगी?
Ans: ToR में शामिल नहीं है, लेकिन आयोग अपनी सिफारिशों में विचार कर सकता है।
Q9: कितनी salary बढ़ेगी?
Ans: औसतन 34.1% वास्तविक वृद्धि (DA neutralization के बाद), लेकिन level के अनुसार अलग-अलग।
Q10: Report कब आएगी?
Ans: 18 महीने में, यानी मई-जून 2027 तक (अनुमानित)।
